भारत मे अश्लील चित्र इंटरनेट के जरीए आवा-जाही करने , प्रसिध्ध करने , ट्रान्सफर करने , एक दुसरेको भेजने , या खुद देखने के लिए संपुर्ण भारतमे कानूनन बंदि हॅ.जबसे भारत मे इंटरनेट शूरू हुऑ तब हिसे यह कानून बना हॅ. लेकिन फेसबुक - ऑर्कूट-ऑर एसि कई वेब साइट हॅ जिसपर २४ घंटे मादर्च्योद ऑर भाडखाऊ लडके - नामर्द हिन्दू-मुस्लिम लडकियोको अश्लिल चित्र भेजकर रंडिया बनानेकि कोशीश करके धर्म भ्रष्ट करते हॅ.फिरभि पुरे भारत मे यह अश्लिल चित्रोका खेल गॅर कानूनि तरीकेसे चल रहा हॅ. बिते कई सालोसे सोनिया सरकार के राजमे हिन्दु-मुस्लिम धर्म कि सभि लेडिज को अश्लिल चित्र भेजकर सोचि समझी साजिस के तहेत धर्म भ्रष्ट किया ज्या रहा हॅ. आपस मे भिडनेके लिए हि बने समाज ऑर धर्मोके के ठेकेदार ईस बारेमे क्यो ? हि़जडे हुए ये सोचनेवालि बात हॅ. पुरे भारत वर्ष मे इसाई छोडकर अन्य सभि धर्मोकि सभि महिलाऑको अश्लिल चित्र भेजकर महिलाऑकि लज्जा ऑर धर्म भ्रष्ट कर रहे हॅ ऑर सभि / पुरे धर्मोके ठेकेदार ईस बारेमे हिजडे हुए हॅ. इतने सालो मे खुदको होशीयार कहेलानेवाले ऑर मर्द बनके घुमनेवाले , धरम के नामपर रुपिया कमानेवाले , सभि मादरच्योद इस बारेमे क्यो हिजडे / छक्के / नामर्द / नंपुसक / भडवे हुए जरा जनताको बताएंगे क्या ? धरमके ठेकेदार ऑर धरमके नामपर खुर्चिया गरम करनेवाले मादर्च्योदोको ईस कानून कि पढाई क्यो नहि करते आति यह उनकि कंबर मे लाथ्थ मारके पुछना जरूरी हॅ ? यह सहि हॅ या नही ?

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